शोभना शर्मा। जेएलएन अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में संचालित मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत मिलने वाली जीवन रक्षक दवाइयों की कमी को अस्पताल प्रशासन ने गंभीर माना है। प्रशासन ने इस लापरवाही के लिए स्टोर प्रभारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
सूचना न देने पर कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन ने पहले ही निर्देश दिए थे कि दवा खत्म होने से पहले सूचना दी जाए और यदि स्टॉक कम हो तो एनए (नॉन-अवेलेबिलिटी) हिट किया जाए। लेकिन किसी ने इसकी सूचना नहीं दी, जिससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
अब प्रशासन ने सभी दवा काउंटरों की स्थिति की रिपोर्ट मांगी है, जिसमें यह जानकारी देनी होगी कि –
कौन-कौन सी जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं?
कितने समय से दवाओं की सप्लाई रुकी हुई है?
कौन-से काउंटर पर किन बीमारियों के मरीज अधिक आते हैं?
स्टाफिंग में सुधार के निर्देश
जेएलएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया और अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने स्टाफिंग व्यवस्था में बदलाव के निर्देश दिए हैं। अब एक कर्मचारी के पास केवल एक ही जिम्मेदारी होगी, जिससे काम की गुणवत्ता सुधारी जा सके।
उपअधीक्षक डॉ. अमित यादव ने बताया कि कई कर्मचारियों के पास तीन से चार चार्ज हैं, जिसमें दवा स्टोर, प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र, फार्मासिस्ट ड्यूटी शेड्यूल और ऑपरेटर ड्यूटी शामिल हैं। इस कारण वे किसी भी कार्य पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पा रहे। अब इस व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रत्येक कर्मचारी को एक ही जिम्मेदारी दी जाएगी।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि आगे से कोई भी लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई होगी। मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां सुचारू रूप से उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।