मनीषा शर्मा। अजमेर में जैन समाज के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) का जन्म कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें शोभायात्रा, पूजन, अभिषेक, शांतिधारा और धर्मसभा का आयोजन हुआ।
भगवान ऋषभदेव के जन्म महोत्सव की शुरुआत बधाई गीतों से
सुबह कार्यक्रम की शुरुआत जैन समाज के महिला मंडल द्वारा भगवान ऋषभदेव के जन्म के उपलक्ष्य में बधाई गीत गाने से हुई। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान के जन्मोत्सव की खुशी व्यक्त की। इसके बाद भगवान का अभिषेक और शांतिधारा का आयोजन किया गया, जिसमें समाजजन ने पूरे श्रद्धा भाव से भाग लिया।
भव्य शोभायात्रा निकाली गई
अभिषेक और पूजन के बाद भगवान ऋषभदेव की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आदिनाथ भगवान मार्ग पर संपन्न हुई। इसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। झांकियों को आकर्षक रूप से सजाया गया, जिससे श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया गया।
धर्मसभा में मिला आध्यात्मिक संदेश
शोभायात्रा के समापन के बाद एक भव्य धर्मसभा का आयोजन किया गया। इसमें जैन मुनिराज उपाध्याय वृषभानंद महाराज ने मंगल प्रवचन दिए। उन्होंने भगवान ऋषभदेव के जीवन आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए समाज को धार्मिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।
हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
धर्मसभा के बाद वात्सल्य भोज का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस महोत्सव के सफल आयोजन में जैन समाज के प्रमुख पदाधिकारियों, महिला मंडल, युवा मंडल और विभिन्न धार्मिक संगठनों ने अहम भूमिका निभाई।