मनीषा शर्मा। भाजपा सरकार ने आईटी नियम 2021 के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए नई आचार संहिता लागू की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आईटी अधिनियम 2000 में संशोधन करते हुए यह नियम लागू किया है। इस संहिता के अंतर्गत ओटीटी प्लेटफार्मों को सामग्री की श्रेणीकरण, उम्र-आधारित वर्गीकरण, और अनुचित सामग्री तक बच्चों की पहुंच को प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया गया है।
आईटी नियम 2021 के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त प्रावधान
राज्यसभा में मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरूगन ने बताया कि सरकार ओटीटी पर आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री पर सख्ती से नजर रखेगी। इस नियम के तहत सभी ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट प्रकाशकों को एक आचार संहिता का पालन करना होगा।
नए नियमों में सामग्री के लिए 5 श्रेणियां तय
सरकार ने ओटीटी सामग्री को आयु-आधारित वर्गों में विभाजित किया है ताकि दर्शकों को उचित कंटेंट तक सीमित किया जा सके। ये श्रेणियां निम्नलिखित हैं:
- U (सभी उम्र के लिए उपयुक्त) – परिवार के साथ देखने योग्य सामग्री
- 7+ (7 वर्ष से कम आयु वर्ग के लिए)
- 13+ (13 वर्ष से अधिक लेकिन 16 से कम के लिए)
- 16+ (16 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए)
- A (केवल वयस्कों के लिए)
बच्चों की सुरक्षा और आपत्तिजनक सामग्री पर नियंत्रण
नए नियमों के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि अनुचित सामग्री तक बच्चों की पहुंच न हो। इसके लिए एज-वेरिफिकेशन सिस्टम और माता-पिता की अनुमति अनिवार्य होगी।
ओटीटी कंटेंट मॉनिटरिंग के लिए सख्त कानून
सरकार ने आईटी अधिनियम 2000 में संशोधन करके ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियंत्रण स्थापित किया है। यदि कोई ओटीटी प्लेटफॉर्म आपत्तिजनक या अश्लील सामग्री प्रसारित करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मदन राठौड़ ने की सख्त निगरानी की मांग
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने सरकार से ओटीटी प्लेटफार्मों की सख्त निगरानी करने और समाज में नकारात्मक प्रभाव डालने वाली सामग्री पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार डिजिटल मीडिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।