मनीषा शर्मा। राजस्व मंडल अध्यक्ष द्वारा जारी परिपत्र को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस आदेश के खिलाफ राजस्व बार एसोसिएशन ने सोमवार को राजस्व मंडल, अधीनस्थ राजस्व अदालतों और कर बोर्ड में कार्य बहिष्कार किया। वकीलों का कहना है कि यह परिपत्र न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वकीलों ने जताया विरोध
राजस्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजावत और सचिव मनीष पांड्या ने बताया कि 10 मार्च को राजस्व मंडल द्वारा जारी परिपत्र में एकतरफा स्टे नहीं देने का निर्देश दिया गया था, जिससे वकील नाराज हैं। उनका कहना है कि इस तरह के आदेश से न्याय की प्रक्रिया बाधित होगी। वकीलों का एक शिष्टमंडल राजस्व मंडल अध्यक्ष से वार्ता के लिए गया था, लेकिन बातचीत विफल रही। इसके बाद, बार की साधारण सभा की बैठक में निर्णय लिया गया कि विरोधस्वरूप सभी संबंधित न्यायालयों में कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
राजस्थान भर में आंदोलन की चेतावनी
वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि यह परिपत्र वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को इस विवाद की पूरी जिम्मेदारी लेने को कहा है। एसोसिएशन का कहना है कि यह आदेश उनके कामकाज में हस्तक्षेप करता है और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करता है। यदि प्रशासन इसे विड्रो नहीं करता तो पूरे राजस्थान में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
वकीलों की मांग और आगे की रणनीति
वकीलों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह के अन्यायपूर्ण आदेश को स्वीकार नहीं करेंगे। वे जल्द ही आगे की रणनीति तय करेंगे और जरूरत पड़ने पर प्रदेश भर के अधिवक्ताओं को इस आंदोलन में शामिल किया जाएगा।