मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नागरिकता कानून के विरोध में शांति मार्च, शामिल हुए अन्य दल

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( ashok gehlot ) के नेतृत्व में रविवार को 7 दल और सिविल सोसायटी द्वारा रविवार को अल्बर्ट हॉल से गांधी सर्किल तक शांति मार्च निकाला गया। इसके जरिये संदेश दिया कि देश संविधान की मूलभावना के आधार पर चलना चाहिए। गहलोत ने संशोधित नागरिकता कानून ( CAA ) को विभाजनकारी फैसला बताते हुए केंद्र से इसे वापस लेने की मांग की।

शांति मार्च से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार को जनभावनाओं को समझाना चाहिए। गृहमंत्री अमित शाह कह रहे हैं कि मैं नागरिकता कानून को हर हाल में देशभर में लागू करवा कर रहूंगा। इतना हिंसा के बाद भी अभी भी धमकाने वाले बयान आ रहे हैं। अपने स्वार्थ के लिए संविधान का गला घोटना ठीक नहीं। उन्होंने कहा कि जामिया मिलिया से शुरू होकर देशभर में आंदोलन छा गया। इसमें सभी धर्मों के लोग प्रभावित होंगे। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि हिंसा की खबरें सिर्फ भाजपा शासित राज्यों से ही क्यों आ रही है।

दूसरी ओर माहौल खराब होने की आशंका को देखते हुए पुलिस की ओर से जयपुर  ( jaipur )शहर में इंटरनेट सेवा रात आठ बजे तक के लिए बंद किया गया है। मेट्रो को दोपहर दो बजे तक बंद रखा गया। इस दौरान जयपुर पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए. इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए 7500 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया. इसके साथ ही ड्रोन के माध्यम से शहर के अलग-अलग इलाकों में निगरानी रखी गई।

वहीं रैली के दौरान भी एसटीएफ और आरएसी की विभिन्न टुकड़िया मुस्तैद रही. इसके साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के चारों तरफ सुरक्षा घेरा बनाकर ईआरटी और क्यूआरटी के कमांडो रैली में साथ-साथ चलते रहे. साथ ही गांधी सर्किल पर हो रही रैली को देखते हुए पुलिस मुख्यालय से डीजीपी भूपेंद्र सिंह यादव और डीजी लॉ एंड ऑर्डर एमएल लाठर अभय कमांड सेंटर के माध्यम से निगरानी रखे हुए हैं.

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