शोभना शर्मा। राजस्थान के कोटा शहर में गणतंत्र दिवस का आयोजन बड़े ही उत्साह और जोश के साथ किया गया। महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम, नयापुरा में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने ध्वजारोहण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली। इस कार्यक्रम में पुलिस, आरएसी, होम गार्ड और एनसीसी की टुकड़ियों ने परेड मार्च में हिस्सा लिया। साथ ही, 94 प्रतिभाओं को उनके सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
ध्वजारोहण और शहीदों को श्रद्धांजलि
गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर हुई। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सभी उपस्थित जनों से देशभक्ति की भावना को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “गणतंत्र दिवस हमें उन लाखों लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है, जिनकी वजह से हमें यह आजादी मिली है।”
शहर भर में तिरंगा यात्रा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोटा के विभिन्न इलाकों में तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया गया। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। देशभक्ति गीतों पर डांस और नाटकों के जरिए स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मुद्दों पर आधारित झांकियां प्रस्तुत की गईं। इनमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता का संदेश, महिला सशक्तिकरण, और कोटा डोरिया साड़ी के प्रचार पर आधारित झांकियां शामिल थीं।
स्वच्छता का संदेश
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपने भाषण में सभी नागरिकों से स्वच्छता को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “हम सभी को प्रण लेना चाहिए कि गंदगी नहीं फैलाएंगे और प्लास्टिक का उपयोग बंद करेंगे। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सभी को एक पेड़ लगाना चाहिए।” उन्होंने जलवायु परिवर्तन और इसके मानव जीवन पर खतरों पर भी प्रकाश डाला।
महाकुंभ और झांकियों का आकर्षण
समारोह में प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ पर आधारित झांकी भी निकाली गई। इस झांकी में गंगा को माता के रूप में दिखाते हुए भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता को प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा, कोटा जेल में कैदियों द्वारा नशामुक्ति और स्वरोजगार के लिए किए जा रहे प्रयासों की झांकी ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
प्रतिभाओं का सम्मान
गणतंत्र दिवस के अवसर पर 94 लोगों को उनके क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इनमें शिक्षा, खेल, सामाजिक कार्य, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और चिकित्सा क्षेत्र में योगदान देने वाले लोग शामिल थे।
महेंद्र सिंह चौहान को आयरन मैन का खिताब जीतने पर सम्मानित किया गया।
प्रायुषा शर्मा को कत्थक नृत्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मान मिला।
डा. मोनिका दुबे को रिसर्च प्रेजेंटेशन के लिए, और डा. धर्मेंद्र माहेश्वरी को डेंटल इंप्लांट सर्जरी में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान दिया गया।
मीता अग्रवाल को युवाओं के लिए स्टूडियो मंच उपलब्ध कराने के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
शिक्षा मंत्री का संदेश
शिक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में संविधान और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “संविधान लागू होने के बाद से हमारा देश लोकतांत्रिक तरीके से संचालित हो रहा है। डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान निर्माताओं के प्रयासों के लिए हम हमेशा उनके आभारी रहेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश
गणतंत्र दिवस समारोह न केवल उत्सव मनाने का अवसर था, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश देने का भी मंच बना। कार्यक्रम में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, कन्या भ्रूण हत्या महापाप, और नशामुक्ति अभियान जैसे सामाजिक मुद्दों पर आधारित झांकियों ने लोगों को प्रेरित किया।
चिकित्सा और प्रशासनिक योगदान
चिकित्सा और प्रशासनिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया।
डॉ. विजय गोयल और डॉ. रविकांत मीना को चिकित्सा क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों में जवाहरलाल जैन, अंकित अग्रवाल, और उपेंद्र बंसीवाल जैसे व्यक्तियों को उनके कार्यों के लिए सराहा गया।