मनीषा शर्मा। लोकसभा में 12 घंटे की चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल 2024 पास हो गया। इस बिल के पक्ष में 288 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 232 सांसदों ने विरोध जताया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को पेश किया और इसे “उम्मीद” (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया।
बिल को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। इसी कड़ी में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, शेयर बाजार में गिरावट और रुपये के अवमूल्यन जैसे अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है।
गहलोत बोले: CAA की तरह इस बिल का भी होगा राजनीतिक इस्तेमाल
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि इससे पहले भी नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के दौरान ऐसा देखा गया था। उन्होंने कहा:
“CAA कानून 2020 में बना, लेकिन इसके नियम 2024 में लागू किए गए। फिर भी, इसे बार-बार राजनीतिक लाभ के लिए उछाला गया और देश में तनाव पैदा किया गया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ संशोधन बिल 2024 की कोई आवश्यकता नहीं थी, लेकिन इसे लाकर बहुसंख्यक समुदाय का ध्यान असली मुद्दों से हटाने और अल्पसंख्यकों में डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
‘दोनों समुदायों में तनाव बढ़ाने की कोशिश’
गहलोत ने कहा कि इस बिल से धार्मिक भेदभाव और असुरक्षा की भावना को बल मिलेगा। उन्होंने आशंका जताई कि:
“यह कानून दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ाने का माध्यम बन सकता है।”
“सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक अस्थिरता पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन इन समस्याओं से बचने के लिए ऐसे मुद्दे बार-बार उठाए जाते हैं।”
उन्होंने सरकार पर राजनीतिक एजेंडा चलाने का आरोप लगाया और कहा कि:
“जब भी देश में असली मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, तब सरकार एक नया विवादास्पद कानून ले आती है।”
विपक्ष का आरोप: अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने की राजनीति
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने वक्फ संशोधन बिल 2024 को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि यह कानून अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और उनके अधिकारों को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा है।
विपक्ष का कहना है कि:
सरकार बार-बार धार्मिक मामलों को मुद्दा बनाकर चुनावी लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।
आर्थिक और सामाजिक मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए विवादास्पद कानून बनाए जा रहे हैं।
इस तरह के कानूनों से धार्मिक विभाजन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
क्या है वक्फ संशोधन बिल 2024?
वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए इस कानून को पेश किया गया है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि सरकार इसे बहाने के रूप में इस्तेमाल कर रही है और असली मकसद कुछ और है।
बिल से जुड़े मुख्य बिंदु:
वक्फ बोर्ड के कार्यों में पारदर्शिता लाने की कोशिश।
संपत्तियों के दस्तावेजों को डिजिटली रिकॉर्ड करने का प्रावधान।
गैर-मुस्लिम सदस्यों और महिला प्रतिनिधियों को शामिल करने की योजना।
हालांकि, विपक्ष का मानना है कि इस बिल के पीछे का असली मकसद बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों में तनाव बढ़ाना है।