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RD पर ब्याज कैसे गणना करें? जानें फॉर्मूला

RD पर ब्याज कैसे गणना करें? जानें फॉर्मूला

शोभना शर्मा। रेकरिंग डिपॉजिट (Recurring Deposit – RD) वित्तीय निवेश का एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो छोटी-छोटी राशि नियमित रूप से बचाकर बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं। RD एक ऐसी स्कीम है, जहां निवेशक हर महीने तय राशि निवेश करते हैं और तिमाही कंपाउंडिंग ब्याज के जरिए मेच्योरिटी पर एक बड़ी रकम हासिल करते हैं।

RD क्या है और यह कैसे काम करता है?

रेकरिंग डिपॉजिट (RD) एक संरचित बचत योजना है, जिसे डाकघर और बैंकों द्वारा पेश किया जाता है। RD में हर महीने तय राशि जमा करने की जरूरत होती है। इसे SIP (Systematic Investment Plan) के समान माना जा सकता है, लेकिन RD की खासियत यह है कि यह निश्चित रिटर्न के साथ आता है।

RD निवेश पर मिलने वाला ब्याज तिमाही आधार पर कंपाउंड होता है और इसे एक विशेष फॉर्मूला, MRni फॉर्मूला, के तहत कैलकुलेट किया जाता है।

RD की मुख्य विशेषताएं

  1. लो रिस्क निवेश:
    RD में निवेश पूरी तरह से सुरक्षित है। बैंक और डाकघर द्वारा गारंटीकृत इस स्कीम में बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता।
  2. फिक्स्ड ब्याज दर:
    RD में ब्याज दर फिक्स होती है, जो रेपो रेट में बदलाव के बावजूद स्थिर रहती है।
  3. छोटे निवेश से बड़ा फंड:
    मासिक बचत के जरिए निवेशक मेच्योरिटी पर एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।
  4. फ्लेक्सिबिलिटी:
    RD में नियमित और फ्लेक्सी दोनों तरह के विकल्प मिलते हैं।
  5. टैक्स बचत का लाभ:
    डाकघर RD स्कीम में निवेश पर टैक्स छूट भी प्राप्त की जा सकती है।

RD के प्रकार

1. रेगुलर रेकरिंग डिपॉजिट:

इसमें निवेशक हर महीने पहले से तय की गई राशि जमा करते हैं। यह योजना उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जो नियमित बचत करना चाहते हैं।

2. फ्लेक्सी रेकरिंग डिपॉजिट:

इस योजना में निवेशक अपनी मासिक किस्त की राशि को घटा-बढ़ा सकते हैं। यह विकल्प उन निवेशकों के लिए फायदेमंद है, जिनकी आय स्थिर नहीं है।

MRni फॉर्मूला: RD पर ब्याज की गणना कैसे होती है?

रेकरिंग डिपॉजिट पर ब्याज की गणना एक निश्चित फॉर्मूला के जरिए की जाती है:

फॉर्मूला:
M=R×(1+i)n−11−(1+i)−1/3M = R \times \frac{(1 + i)^n – 1}{1 – (1 + i)^{-1/3}}

  • M: मेच्योरिटी पर मिलने वाली कुल रकम।
  • R: मासिक निवेश राशि।
  • n: कुल तिमाही (कुल कार्यकाल)।
  • i: ब्याज दर प्रति तिमाही।

उदाहरण:

यदि आप ₹10,000 प्रति माह RD में 7% सालाना ब्याज दर के साथ 5 साल के लिए निवेश करते हैं:

  • कुल निवेश: ₹6,00,000
  • ब्याज: ₹1,12,000
  • मेच्योरिटी राशि: ₹7,12,000

 एकमुश्त निवेश के लिए फॉर्मूला (APrnt):

यदि आप RD की जगह एकमुश्त निवेश करते हैं, तो ब्याज की गणना इस फॉर्मूला से की जाती है:

A=P×(1+rn)n×tA = P \times (1 + \frac{r}{n})^{n \times t}

  • A: मेच्योरिटी पर मिलने वाली कुल राशि।
  • P: निवेश की गई राशि।
  • r: सालाना ब्याज दर।
  • n: तिमाही की संख्या।
  • t: निवेश की अवधि (साल)।

RD और अन्य निवेश योजनाओं में तुलना

पैरामीटरRecurring Deposit (RD)Fixed Deposit (FD)SIP (Mutual Funds)
रिटर्न दर5.5% – 7%6% – 8%8% – 12% (मार्केट आधारित)
बाजार जोखिमनहींनहींहां
फ्लेक्सिबिलिटीफ्लेक्सी RD विकल्प उपलब्धनहींउच्च (स्मार्ट विड्रॉवल)
सुरक्षागारंटीकृतगारंटीकृतनहीं (मार्केट-लिंक्ड)

RD क्यों चुनें?

  1. निवेश में अनुशासन:
    RD स्कीम नियमित बचत की आदत विकसित करती है।
  2. छोटे निवेश के लिए आदर्श:
    सीमित आय वाले निवेशकों के लिए यह योजना उपयुक्त है।
  3. मजबूत रिटर्न:
    RD पर तिमाही कंपाउंडिंग के जरिए बेहतर रिटर्न मिलता है।
  4. सुरक्षा:
    RD पूरी तरह से सुरक्षित है और इसमें पैसे की गारंटी होती है।

RD के लिए बैंकों और डाकघर में मौजूदा ब्याज दरें (2024)

संस्थाब्याज दर (सालाना)अवधि
डाकघर RD6.5%5 साल
SBI RD5.8% – 6.7%1 – 5 साल
HDFC बैंक RD6% – 7%6 महीने से 10 साल
ICICI बैंक RD6% – 6.5%1 – 5 साल
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