मनीषा शर्मा। जयपुर के होटल मैरियट में आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 की ऊर्जा प्री-समिट में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में 6.50 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए। इस आयोजन का उद्देश्य राजस्थान को सोलर एनर्जी हब बनाना और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में भाग लिया और ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने बताए ऊर्जा क्षेत्र में किए गए बड़े प्रयास
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में पानी और ऊर्जा की उपलब्धता से उद्योगों और किसानों को लाभ होगा। उन्होंने जोर दिया कि:
- ईआरसीपी और यमुना जल समझौता जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स से पानी की समस्या हल हुई।
- टनल और रिचार्ज ट्यूबवेल बनाकर पानी के सही उपयोग की व्यवस्था की गई।
- सौर ऊर्जा के लिए राज्य में अपार संभावनाओं का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “राजस्थान में 365 दिन सूर्य की कृपा रहती है। हमारा लक्ष्य है कि राजस्थान ऊर्जा में सरप्लस बने और दूसरे राज्यों को बिजली बेचने की स्थिति में पहुंचे।”
6.50 लाख करोड़ के एमओयू: प्रदेश को नई दिशा
कार्यक्रम में प्रमुख ऊर्जा कंपनियों जैसे सीआईआई, एनटीपीसी, टाटा पावर, सिक्योर मीटर, सिमेन्स एनर्जी ने भाग लिया।
- सौर, पवन और बायोमास ऊर्जा के लिए एमओयू साइन किए गए।
- इन प्रोजेक्ट्स के धरातल पर उतरने के बाद राजस्थान की बिजली की जरूरतें पूरी होने के साथ-साथ यह ऊर्जा का निर्यातक राज्य बनेगा।
- निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
नई ऊर्जा नीति और सोलर हब बनाने की योजना
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राजस्थान जल्द ही सोलर एनर्जी का हब बनेगा। उन्होंने यह भी बताया कि:
- एक नई इन्वेस्टमेंट पॉलिसी तैयार की जा रही है ताकि निवेशकों को सरल प्रक्रियाएं मिलें।
- ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए आधुनिक तकनीकों और इनोवेटिव पॉलिसी पर फोकस किया जाएगा।
- सरकारी भवनों पर 1000 मेगावाट के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य और राजस्थान की भूमिका
सीएम ने पीएम मोदी की अक्षय ऊर्जा योजनाओं की सराहना करते हुए कहा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अक्षय ऊर्जा के लक्ष्यों में राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।”
- आदर्श सौर ग्राम परियोजना तेज गति से आगे बढ़ रही है।
- राजस्थान अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में न केवल देश, बल्कि दुनिया के लिए भी उदाहरण बनेगा।
कार्यक्रम की थीम और उद्देश्य
प्री-समिट का आयोजन ‘एम्पावरिंग राजस्थान: अनलॉकिंग द स्टेट एनर्जी पोटेंशियल’ थीम पर किया गया। इसमें ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों और कंपनियों ने भाग लिया।
- ऊर्जा क्षेत्र में नई परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
- राज्य को अक्षय ऊर्जा निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बनाने का लक्ष्य रखा गया।
ऊर्जा प्री-समिट के प्रमुख बिंदु:
- 6.50 लाख करोड़ के एमओयू साइन:
यह राजस्थान के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। - राज्य के पास सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं:
यहां 365 दिन सूर्य की रोशनी रहती है। - नई नीति के तहत सरल प्रक्रियाएं:
निवेशकों को आसानी से प्रोजेक्ट्स स्थापित करने की सुविधा मिलेगी। - ऊर्जा का निर्यातक राज्य बनने का लक्ष्य:
राजस्थान देश को ऊर्जा बेचने वाला प्रमुख राज्य बनेगा।