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राजस्थान का खेड़ा रसूलपुर अब हुआ खेड़ा रामपुर

राजस्थान का खेड़ा रसूलपुर अब हुआ खेड़ा रामपुर

शोभना शर्मा। राजस्थान के कोटा जिले के खेड़ा रसूलपुर गांव का नाम अब आधिकारिक रूप से खेड़ा रामपुर कर दिया गया है। केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद राज्य सरकार ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी।

गांव के लोगों की यह मांग पिछले 30 सालों से लंबित थी, जिसे अब जाकर मंजूरी मिली।

गृह मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद नाम परिवर्तन

गृह मंत्रालय ने 18 मार्च को इस बदलाव के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया था। इसके बाद राजस्थान सरकार ने अधिसूचना जारी कर राजस्व रिकॉर्ड में भी बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

क्यों बदला गया गांव का नाम?

  • ग्रामीणों का मानना था कि गांव का नाम उनकी संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप होना चाहिए।

  • 30 सालों से गांव का नाम बदलने की मांग की जा रही थी।

  • प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद इस मांग ने और जोर पकड़ा।

  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विधायक कल्पना देवी ने भी ग्रामीणों की इस मांग का समर्थन किया।

अब इस गांव को सभी सरकारी दस्तावेजों और रिकॉर्ड में खेड़ा रामपुर के नाम से ही जाना जाएगा।

ग्रामीणों ने नाम बदलने पर किया जश्न

गांव के नाम परिवर्तन की खबर आते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।

  • गांव में झंडा रैली निकाली गई।

  • भव्य आतिशबाजी कर खुशी मनाई गई।

  • भारत माता की आरती कर नाम परिवर्तन का स्वागत किया गया।

गांव के निवासी गजानंद ने कहा:
“यह हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है। 30 साल के लंबे संघर्ष के बाद हमारी मांग पूरी हुई है। हम सरकार के आभारी हैं।”

राजस्व रिकॉर्ड में भी होगा बदलाव

राजस्थान सरकार के राजस्व विभाग के शासन उपसचिव हरि सिंह मीणा ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की।

  • अब सभी सरकारी दस्तावेजों और भू-अभिलेखों में गांव का नाम खेड़ा रामपुर दर्ज किया जाएगा।

  • जिला कलेक्टर को बदलाव के लिए अधिकृत किया गया है।

  • यह नाम परिवर्तन अधिनियम प्रावधान 1956 के तहत किया गया है।

अब भविष्य में इस गांव को आधिकारिक रूप से खेड़ा रामपुर ही कहा जाएगा।

नाम बदलने के लिए 30 साल से चल रहा था आंदोलन

खेड़ा रामपुर गांव कोटा जिले के कैथून कस्बे के पास स्थित है। इससे पहले इसे खेड़ा रसूलपुर के नाम से जाना जाता था।

ग्रामीणों ने पिछले तीन दशकों से गांव का नाम बदलने के लिए संघर्ष किया।

  • कई बार ज्ञापन दिए गए।

  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अनुरोध किया गया।

  • विधायक कल्पना देवी ने भी समर्थन दिया।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि केंद्र सरकार जल्द ही नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी करेगी।

गृह मंत्रालय से नाम परिवर्तन को मिली मंजूरी

गृह मंत्रालय से नाम बदलने की आधिकारिक मंजूरी 18 मार्च को मिल गई थी।

इसके बाद राजस्थान सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी।

अब यह नाम सरकारी भू-अभिलेखों, राजस्व रिकॉर्ड, और अन्य सरकारी दस्तावेजों में अपडेट किया जाएगा।

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