मनीषा शर्मा। अगर आपने अपने पैरों में नीले या बैंगनी रंग की टेढ़ी-मेढ़ी नसें देखी हैं, तो यह वैरिकोज वेन्स (Varicose Veins) हो सकती हैं। यह एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें हार्ट तक खून पहुंचाने वाली नसों में सूजन आ जाती है। इन नसों की दीवारें कमजोर हो जाती हैं और उनके वॉल्व सही तरीके से काम नहीं करते। इसके परिणामस्वरूप, जो खून दिल की ओर जाना चाहिए, वह वापस नसों में जमा हो जाता है, जिससे ये नसें सूज जाती हैं और पैरों में नीले या बैंगनी रंग के उभार नजर आते हैं।
हमारे शरीर में दो तरह की रक्त वाहिकाएं होती हैं– धमनियां और शिराएं। धमनियां खून को हार्ट से शरीर के अंगों तक लेकर जाती हैं, जबकि शिराएं खून को अंगों से वापस हार्ट तक ले जाती हैं। जब वैरिकोज वेन्स की समस्या होती है, तो शिराएं अपना काम सही तरीके से नहीं कर पातीं और खून वापस हार्ट तक नहीं पहुंच पाता, जिससे नसों में सूजन आ जाती है।
वैरिकोज वेन्स के लक्षण
वैरिकोज वेन्स के कुछ प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं:
- नसों में उभार: त्वचा की सतह के ठीक नीचे नसें मुड़ी हुई, सूजी हुई और रस्सी जैसी दिखने लगती हैं। ये नसें नीले या बैंगनी रंग की होती हैं और अक्सर पैरों या टखनों में दिखाई देती हैं।
- पैरों में भारीपन: इस स्थिति में पैरों की मांसपेशियां भारी या सुस्त महसूस होने लगती हैं, खासकर किसी शारीरिक गतिविधि के बाद।
- खुजली: वैरिकोज वेन्स के आसपास की त्वचा में खुजली हो सकती है, जो खून जमा होने के कारण होती है।
- दर्द: वैरिकोज वेन्स के कारण पैरों में दर्द हो सकता है, खासकर घुटनों के पीछे। इसके कारण मांसपेशियों में ऐंठन भी हो सकती है।
- सूजन: इस स्थिति में पैर, टखने और पंजे सूज सकते हैं और उनमें धड़कन का एहसास हो सकता है।
- स्किन डिसकलरेशन और अल्सर: अगर सही तरीके से इलाज न किया जाए, तो त्वचा पर भूरे या काले रंग के धब्बे पड़ सकते हैं। गंभीर स्थिति में, त्वचा पर अल्सर (घाव) भी हो सकते हैं।
वैरिकोज वेन्स के कारण
वैरिकोज वेन्स की समस्या के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- उम्र: उम्र बढ़ने के साथ नसों की दीवारें कमजोर हो जाती हैं और वॉल्व ठीक से काम नहीं करते, जिससे वैरिकोज वेन्स की समस्या होती है।
- जेंडर: महिलाओं में हॉर्मोनल बदलाव के कारण इस समस्या का खतरा अधिक होता है, खासकर गर्भावस्था, पीरियड्स या बर्थ कंट्रोल पिल्स के कारण।
- फैमिली हिस्ट्री: अगर आपके परिवार में किसी को वैरिकोज वेन्स की समस्या है, तो आपको भी इसका खतरा हो सकता है।
- लाइफ स्टाइल: सिडेंट्री लाइफस्टाइल, लंबे समय तक एक ही जगह खड़े रहना या बैठना, ब्लड सर्कुलेशन में कमी ला सकता है, जिससे वैरिकोज वेन्स का खतरा बढ़ जाता है।
- ओवरऑल हेल्थ: गंभीर कब्ज, ट्यूमर और तंबाकू के सेवन से भी वैरिकोज वेन्स की समस्या हो सकती है।
- अधिक वजन: अधिक वजन होने से ब्लड वेसल्स पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे वैरिकोज वेन्स की कंडीशन बन सकती है।
वैरिकोज वेन्स और स्पाइडर वेन्स में अंतर
वैरिकोज वेन्स और स्पाइडर वेन्स दोनों एक प्रकार की ही समस्याएं हैं, लेकिन ये अलग दिखती हैं। स्पाइडर वेन्स पतली और लाल या नीली होती हैं, जो त्वचा की सतह के बहुत करीब दिखाई देती हैं। यह मकड़ी के जाले या पेड़ की शाखाओं जैसी दिखती हैं। वहीं, वैरिकोज वेन्स मोटी और उभरी हुई होती हैं, जो नसों की दीवारों के खराब होने के कारण होती हैं।
वैरिकोज वेन्स का इलाज
वैरिकोज वेन्स का कोई स्थाई इलाज नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को कम करने के लिए कई उपचार विकल्प हैं:
- एलिवेशन थेरेपी: पैरों को ऊपर उठाकर रखने से नसों पर दबाव कम होता है और ब्लड फ्लो सुधरता है।
- इलास्टिक स्टॉकिंग्स: इस थेरेपी में पैरों पर इलास्टिक स्टॉकिंग्स पहनाई जाती हैं, जिससे नसों की चौड़ाई कम होती है और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है।
- इंजेक्शन थेरेपी और लेजर थेरेपी: कुछ मामलों में, इंजेक्शन और लेजर थेरेपी का उपयोग भी किया जाता है, जिससे नसों की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
- सर्जरी: जब समस्या गंभीर हो जाती है, तो नसों की सर्जरी का विकल्प भी चुन सकते हैं।
वैरिकोज वेन्स एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है, जो उम्र, जेंडर, लाइफ स्टाइल और अन्य कारणों से हो सकती है। इसके लक्षणों को पहचान कर सही समय पर उपचार करवाने से इस स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। यदि आपको अपने पैरों में सूजन, दर्द या किसी अन्य लक्षण का अनुभव होता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उचित उपचार लें।