मनीषा शर्मा। राजस्थान सरकार ने जयपुर नगर निगम ग्रेटर और हैरिटेज के सीमा विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत अब 78 नए गांव नगर निगम क्षेत्र में जोड़े गए हैं। साथ ही, 250 वार्डों को पुनर्गठित कर 150 वार्ड बनाए गए हैं।
इस बदलाव के बाद, जयपुर में अब दो अलग-अलग नगर निगम (ग्रेटर और हैरिटेज) के लिए अलग-अलग मेयर नहीं होंगे, बल्कि एक ही मेयर पूरे नगर निगम का नेतृत्व करेगा। इस ऐतिहासिक फैसले से जयपुर के शहरी विकास में नए अवसर खुलेंगे और नगर निकाय व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।
तीन दशकों बाद जयपुर नगर निगम सीमा का विस्तार
नगर निगम का यह विस्तार करीब 30 वर्षों बाद हुआ है। जयपुर नगर निगम का गठन 1994 में जयपुर नगर परिषद से अपग्रेड कर किया गया था, तब इसमें 70 वार्ड थे। 2004 में इन्हें बढ़ाकर 77 वार्ड, 2014 में 91 वार्ड कर दिए गए, लेकिन नगर निगम की सीमा का विस्तार नहीं हुआ था।
2019 में गहलोत सरकार ने नगर निगम को ग्रेटर और हैरिटेज दो भागों में विभाजित किया था। तब ग्रेटर में 150 वार्ड और हैरिटेज में 100 वार्ड बनाए गए थे, लेकिन सीमा विस्तार नहीं हुआ था। अब यह विस्तार लागू होने के बाद जयपुर के शहरी क्षेत्र का दायरा बढ़ जाएगा, जिससे विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।
78 गांव निगम सीमा में शामिल, 150 नए वार्ड बने
जयपुर नगर निगम के क्षेत्र में तीन उपखंडों के 78 गांवों को शामिल किया गया है। इस पर जयपुर जिला निर्वाचन शाखा ने पहले 80 गांवों को नगर निगम क्षेत्र में जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन सरकार ने विचार-विमर्श के बाद 78 गांवों को ही शामिल करने का निर्णय लिया।
इस पुनर्गठन में सबसे अधिक वार्ड विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि सबसे कम वार्ड आमेर विधानसभा क्षेत्र में बने हैं।
अब जयपुर में होगा सिर्फ एक मेयर
इस बार जयपुर नगर निगम ग्रेटर और हैरिटेज के लिए अलग-अलग मेयर नहीं होंगे। पूरे नगर निगम का नेतृत्व अब एक ही मेयर करेगा, जिससे प्रशासनिक कार्यों में समन्वय और पारदर्शिता बढ़ेगी।
नगर निगम सीमा विस्तार पर जनता से मांगे गए सुझाव
सरकार ने नगर निगम की नई सीमाओं और वार्डों के पुनर्गठन पर 17 अप्रैल तक आमजन से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इस फैसले से जयपुर की शहरी विकास योजना को नई दिशा मिलेगी और नागरिकों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी।