मनीषा शर्मा। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोमवार को केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीएम सिर्फ पॉडकास्ट करते हैं, लेकिन कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करते। उन्होंने भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मणिपुर में हिंसा की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रधानमंत्री वहां जाने का समय नहीं निकालते। वहीं, चीन लगातार भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आ रही। पायलट ने आर्थिक मुद्दों पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि अमेरिका भारत पर टैरिफ लगा रहा है, जिससे आर्थिक हितों की रक्षा के लिए गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।
डबल इंजन सरकार पर उठाए सवाल
सचिन पायलट ने राजस्थान के लिए केंद्र सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा के नेता डबल इंजन सरकार की बात करते हैं, लेकिन केंद्र के बजट में राजस्थान का जिक्र तक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने के बावजूद राज्य को केंद्र से कोई खास फायदा नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राजस्थान को इग्नोर किया और लोकसभा की 11 सीट हारने का गुस्सा जनता पर निकाला। पायलट का कहना था कि राज्य सरकार को भी केंद्र से बजट में घोषणाएं करवाने के लिए प्रयास करने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
भाजपा सरकार में भारी खींचतान, मुख्यमंत्री कमजोर
सचिन पायलट ने भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीते 12-14 महीने में सरकार असमंजस में नजर आई। मुख्यमंत्री खुद भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि उनकी सरकार में खींचतान और टकराव जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में अफसरशाही हावी है और भाजपा के मंत्री कमजोर पड़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जवाबदेही समाप्त होती जा रही है और कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए लगातार सरकार से सवाल पूछती रहेगी।
विधानसभा में भाजपा सरकार का प्रदर्शन कमजोर
सचिन पायलट ने विधानसभा सत्र के दौरान सरकार के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कई बार भाजपा मंत्रियों को बचाने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन इसके बावजूद सरकार विपक्ष के सवालों के जवाब देने में असफल रही। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के विधायक जब खुद सरकार से सवाल पूछते हैं, तब भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलते। पायलट ने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार की कोई तैयारी नहीं थी और पिछले एक साल से किए गए दावे और घोषणाएं धरातल पर उतरने में पूरी तरह विफल साबित हुई हैं।
भाजपा सरकार की विफलताएं गिनाईं
पायलट ने राज्य सरकार के एक साल के कार्यकाल की समीक्षा करते हुए कहा कि पिछले बजट में सरकार ने चार लाख नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन हकीकत में कितनी नौकरियां दी गईं, इसका कोई आंकड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि बैकलॉग नहीं भरा जा रहा, छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिल रही और केंद्र सरकार ने खुद राज्य सरकार को पत्र लिखकर इस पर चिंता जताई है। यह सरकार की सबसे बड़ी नाकामी साबित हो रही है।
अंतरकलह और खींचतान से जूझ रही भाजपा सरकार
पायलट ने कहा कि राज्य सरकार में भारी खींचतान चल रही है, जिससे प्रशासनिक कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों की स्थिति स्पष्ट नहीं है, इस्तीफे हो चुके हैं, लेकिन किसी को यह पता नहीं कि कौन मंत्री है और कौन नहीं। उन्होंने कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, सब-इंस्पेक्टर भर्ती, पेपर लीक और बैकलॉग जैसी समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि हर मोर्चे पर सरकार पूरी तरह से बैकफुट पर नजर आ रही है।
कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की तैयारी में
भाजपा पर हमले के साथ ही सचिन पायलट ने कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर भी बात की। उन्होंने बताया कि रविवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें संगठन के विस्तार पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि नए जिलों समेत बड़े जिलों में अध्यक्ष बनाने पर काम किया जा रहा है, जिससे कांग्रेस संगठन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि 2025 कांग्रेस संगठन के लिए बेहद अहम साल है और इसके लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की मंगलवार को दिल्ली में बैठक होगी। इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे और संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले 10 महीनों में बूथ स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक कांग्रेस को फिर से मजबूत करने पर काम किया जाएगा।