मनीषा शर्मा। राजस्थान में बाजरे की खरीद को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री रहने के बावजूद गहलोत सरकार ने बाजरे की खरीद के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से ही अब बाजरे की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर हो रही है।
मदन राठौड़ ने क्या कहा?
मंगलवार को जोधपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान मदन राठौड़ ने कहा,
“अशोक गहलोत तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उन्होंने कभी बाजरे की खरीद के बारे में नहीं सोचा। यह प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदृष्टि का परिणाम है कि अब किसानों को उनका हक मिल रहा है। गहलोत साहब को इस मुद्दे पर बोलने का हक नहीं है।”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बयान
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी कुछ समय पहले अशोक गहलोत पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि,
“पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा में एक भी दिन नहीं आए, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर काफी सक्रिय रहते हैं। वे केवल सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। लेकिन एक्स से काम नहीं चलेगा, जनता के बीच जाना होगा और उनके दुख-दर्द को समझना होगा।”
अशोक गहलोत ने किया पलटवार
अशोक गहलोत ने भजनलाल शर्मा के इस बयान का करारा जवाब दिया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री को उनकी ही पुरानी पोस्ट याद दिलाई, जिसमें शर्मा कांग्रेस सरकार से बाजरे की खरीद MSP पर करने की मांग कर रहे थे।
गहलोत ने लिखा,
“मुख्यमंत्री जी, मैं आपको लगभग ढाई साल पुराना आपका यह पोस्ट याद दिलाना चाहता हूं जिसमें आप कांग्रेस सरकार से बाजरे की एमएसपी पर खरीद की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। आपकी सरकार को अब डेढ़ साल होने जा रहा है, लेकिन अभी तक एमएसपी पर खरीद शुरू नहीं हुई। क्या आप बता सकते हैं कि बाजरे की खरीद कब से शुरू होगी?”
भाजपा बनाम कांग्रेस: MSP पर सियासी संग्राम
राजस्थान में बाजरे की खरीद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी जारी है। एक तरफ भाजपा गहलोत सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस भाजपा को उसके चुनावी वादों की याद दिला रही है।