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अजमेर में वेटलैंड संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सेवन वंडर शिफ्ट होगा

अजमेर में वेटलैंड संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सेवन वंडर शिफ्ट होगा

मनीषा शर्मा, अजमेर।  आनासागर झील के आसपास हुए अवैध निर्माणों को हटाने और वेटलैंड संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में 7 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी, इससे पहले प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना में आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सेवन वंडर पार्क को 6 महीने में शिफ्ट या तोड़ने का निर्देश दिया है। साथ ही, फूड कोर्ट को 7 अप्रैल तक पूरी तरह हटाने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, गांधी स्मृति उद्यान, आजाद पार्क और पटेल स्टेडियम में हुए निर्माण कार्यों पर भी सुनवाई होगी।

फूड कोर्ट हटाने और नए वेटलैंड विकसित करने की योजना

वेटलैंड क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को हटाने और उसका संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने नए वेटलैंड के लिए जगह की तलाश शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि जितना वेटलैंड नष्ट किया गया है, उसका डबल क्षेत्र शहर में वेटलैंड के रूप में विकसित किया जाए। प्रशासन अब इस कार्य के लिए एक विस्तृत योजना तैयार कर रहा है, जिसे 7 अप्रैल को कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।

सेवन वंडर पार्क का भविष्य: शिफ्ट होगा या तोड़ा जाएगा?

सेवन वंडर पार्क, जो अजमेर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, अब विवादों में आ गया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, इसे 6 महीने के भीतर शिफ्ट या तोड़ना अनिवार्य होगा। प्रशासन फिलहाल यह तय करने में जुटा है कि इस पार्क को कहां शिफ्ट किया जाए और कितना हिस्सा संरक्षित रखा जा सकता है।

गांधी स्मृति उद्यान और अन्य निर्माणों पर भी सुनवाई

7 अप्रैल को गांधी स्मृति उद्यान, आजाद पार्क और पटेल स्टेडियम में हुए निर्माण कार्यों पर भी चर्चा होगी। इन स्थलों पर भी अतिक्रमण के आरोप लगे हैं, जिनकी समीक्षा के लिए कोर्ट ने निर्देश जारी किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और कानूनी पहलू

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय एस. ओखा और उज्जवल बुएन की बेंच ने 17 मार्च को यह फैसला सुनाया था।

  • सेवन वंडर पार्क को 6 महीने में शिफ्ट या तोड़ने का आदेश।

  • फूड कोर्ट को 7 अप्रैल तक हटाने का निर्देश।

  • जितना वेटलैंड नष्ट हुआ, उसका डबल क्षेत्र वेटलैंड के रूप में विकसित करने का आदेश।

  • गांधी स्मृति उद्यान, आजाद पार्क और पटेल स्टेडियम पर 7 अप्रैल को सुनवाई होगी।

इस मामले में सरकार की ओर से AAG तुषार मेहता ने पैरवी की, जबकि याचिकाकर्ता अशोक मलिक ने खुद अपनी ओर से पैरवी की।

प्रशासन की तैयारी और जनता की प्रतिक्रिया

प्रशासन ने आनासागर झील के आसपास अतिक्रमण हटाने और वेटलैंड क्षेत्र को संरक्षित करने की योजना तैयार करना शुरू कर दिया है। हालांकि, सेवन वंडर पार्क को हटाने के फैसले पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी जा रही है। कुछ लोग इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी कदम मानते हैं, जबकि कुछ शहर की पर्यटन संभावनाओं पर असर पड़ने की चिंता जता रहे हैं।

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